बच्चों को मज़े के लिए पढ़ने की आदत कैसे डलवाएं

बच्चों में पढ़ने का शौक जगाने के आसान और प्रभावी तरीके जो हर उम्र के लिए काम करते हैं।

  1. घर में पढ़ने का माहौल बनाएं. अपने घर में किताबों को आसानी से पहुंचने वाली जगह रखें। बच्चों की पहुंच में एक छोटी लाइब्रेरी या किताबों की अलमारी लगाएं। रोज़ाना एक निश्चित समय पर पूरा परिवार साथ बैठकर पढ़ने की आदत बनाएं। घर में टीवी और फोन से दूर एक शांत कोना बनाएं जहां बच्चे आराम से बैठकर पढ़ सकें। रंग-बिरंगे कुशन और अच्छी रोशनी से इस जगह को आकर्षक बनाएं।
  2. बच्चों की पसंद को समझें और सम्मान करें. हर बच्चे की अलग रुचि होती है। कुछ को रोमांचक कहानियां पसंद होती हैं तो कुछ को जानवरों या विज्ञान की किताबें। बच्चे जो भी पढ़ना चाहते हैं, उसे प्रोत्साहित करें चाहे वो कॉमिक्स हों या चित्र वाली किताबें। उनकी पसंद पर टिप्पणी न करें और धैर्य रखें। उनसे पूछें कि उन्हें क्या दिलचस्प लगता है और उसी आधार पर किताबें लाएं।
  3. पढ़ने को मज़ेदार गतिविधि बनाएं. कहानी पढ़ते समय अलग-अलग आवाज़ों का इस्तेमाल करें और किरदारों की नकल करें। किताब पढ़ने के बाद उस पर चर्चा करें और बच्चों के सवालों का जवाब दें। कहानी से जुड़े खेल खेलें या ड्राइंग करवाएं। कभी-कभी कहानी को बीच में रोककर बच्चों से पूछें कि आगे क्या हो सकता है। इससे उनकी जिज्ञासा बढ़ेगी और वे पढ़ने के लिए उत्सुक रहेंगे।
  4. नियमित पढ़ने की दिनचर्या बनाएं. रोज़ाना एक निश्चित समय पर पढ़ने की आदत डलवाएं। सोने से पहले का समय इसके लिए सबसे अच्छा होता है। शुरुआत में 10-15 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। जबरदस्ती न करें और अगर बच्चा मूड में नहीं है तो उसे मजबूर न करें। पढ़ने को सज़ा की तरह इस्तेमाल कभी न करें।
  5. अपना उदाहरण पेश करें. बच्चे वही करते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते देखते हैं। खुद भी नियमित पढ़ें और बच्चों को दिखाएं कि आप पढ़ने का आनंद ले रहे हैं। अपनी किताब के बारे में उनसे बात करें और बताएं कि आपको क्या दिलचस्प लगा। पूरा परिवार मिलकर लाइब्रेरी जाने की आदत बनाएं।
  6. धैर्य रखें और दबाव न डालें. हर बच्चे की गति अलग होती है। किसी की तुलना न करें और धैर्य से काम लें। अगर बच्चा धीरे पढ़ता है या कुछ शब्दों में गलती करता है तो उसे रोकें नहीं। बल्कि प्रोत्साहन दें और उसकी कोशिश की तारीफ करें। पढ़ने को बोझ बनने न दें।