अपने घर के आंगन में पक्षियों की पहचान कैसे करें
बच्चों के साथ अपने घर के बगीचे में पक्षियों को देखना और पहचानना सीखें।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- सबसे पहले आसान चीजें देखें. पक्षी की पहचान के लिए सबसे पहले उसका आकार देखें - क्या वह कौवे जितना बड़ा है या गौरैया जितना छोटा। फिर उसका रंग देखें - भूरा, काला, लाल या कोई और रंग। इसके बाद उसकी चोंच का आकार देखें - मोटी है या पतली, लंबी है या छोटी। ये तीन चीजें सबसे आसान तरीके हैं पक्षी को पहचानने के।
- आवाज़ पर ध्यान दें. हर पक्षी की अपनी खास आवाज़ होती है। कौआ कांव-कांव करता है, कोयल कुहू-कुहू करती है, मोर की आवाज़ बिल्कुल अलग होती है। अपने बच्चों के साथ बैठकर सुबह या शाम के समय इन आवाज़ों को सुनें और याद रखने की कोशिश करें। जब भी कोई नई आवाज़ सुनें, तो उस पक्षी को देखने की कोशिश करें।
- पक्षी की आदतें समझें. देखें कि पक्षी कहां बैठना पसंद करता है - पेड़ की डाली पर, ज़मीन पर या दीवार पर। कुछ पक्षी झुंड में रहते हैं जैसे गौरैया, कुछ अकेले रहते हैं। देखें कि वे क्या खाते हैं - दाना, कीड़े या फल। कुछ पक्षी दिन में दिखते हैं, कुछ सुबह-शाम। ये सभी बातें पक्षी की पहचान में मदद करती हैं।
- सामान्य पक्षियों से शुरुआत करें. अपने घर के आस-पास सबसे ज्यादा दिखने वाले पक्षियों से शुरुआत करें। गौरैया, कौआ, मैना, कबूतर, बुलबुल ये सबसे आम पक्षी हैं। इन्हें पहचानना आसान होता है। गौरैया छोटी और भूरी होती है, कौआ काला और बड़ा होता है, मैना काली होती है पीले धब्बों के साथ। एक बार ये पहचान आ जाएं तो दूसरे पक्षियों की तरफ बढ़ें।
- दूरबीन और किताबों का इस्तेमाल करें. छोटी दूरबीन या magnifying glass का इस्तेमाल करके पक्षियों को करीब से देखें। पक्षियों की पहचान वाली किताब या app का इस्तेमाल करें। अपने बच्चों के साथ मिलकर एक नोटबुक बनाएं जिसमें रोज़ देखे गए पक्षियों की जानकारी लिखें। उनके रंग, आकार और आदतों के बारे में नोट्स बनाएं।
- धैर्य रखें और नियमित अभ्यास करें. पक्षियों की पहचान करना सीखने में समय लगता है। रोज़ाना कम से कम 15-20 मिनट अपने बगीचे में बैठें और पक्षियों को देखें। बच्चों को परेशान न करें अगर वे तुरंत पहचान नहीं पाते। यह एक धीरे-धीरे सीखने की प्रक्रिया है और जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे, उतना बेहतर होगा।