जंगली पेड़-पौधों से खाने योग्य चीजें कैसे पहचानें
बच्चों के साथ प्रकृति में सुरक्षित तरीके से खाने योग्य पौधों की पहचान करना सीखें।
- शुरुआत करने से पहले जरूरी तैयारी. सबसे पहले अपने क्षेत्र के स्थानीय पौधों की एक अच्छी गाइड बुक खरीदें जिसमें तस्वीरें हों। स्थानीय प्रकृति केंद्र या वन विभाग से संपर्क करके पौधों की पहचान का कोर्स लें। अनुभवी व्यक्ति के साथ जाना हमेशा बेहतर होता है। मैग्निफाइंग ग्लास, नोटबुक और कैमरा साथ रखें। बच्चों को समझाएं कि बिना पूरी पहचान के कुछ भी नहीं खाना है।
- आम खाने योग्य पौधों की पहचान. आम (अमरूद) के पेड़ की पत्तियां चाय बनाने के लिए इस्तेमाल होती हैं। नीम की पत्तियां कड़वी होती हैं पर औषधीय गुण रखती हैं। पुदीना जंगली रूप में भी मिलता है - इसकी खुशबू से पहचान आसान है। बेल के पत्ते तीन भागों में बंटे होते हैं। तुलसी जंगली रूप में भी उगती है और इसकी विशेष सुगंध होती है। हमेशा पत्ती की आकृति, किनारे, नसों का पैटर्न और गंध को मिलाकर पहचान करें।
- खतरनाक पौधों से बचाव. धतूरा बहुत जहरीला होता है - इसके सफेद फूल और कांटेदार फल से बचें। अरंडी के बीज बेहद खतरनाक होते हैं। अज्ञात मशरूम कभी न छुएं। चमकदार रंगीन बेरीज़ से बचें। दूधिया रस निकालने वाले पौधे खतरनाक हो सकते हैं। यदि कोई पौधा अजीब गंध दे रहा हो तो उससे दूर रहें। बच्चों को सिखाएं कि संदेह में कुछ भी न छुएं।
- सुरक्षित तरीके से जांच करना. पहले पौधे को देखें और गाइड बुक से मिलाएं। फिर हल्का सा छूकर देखें कि कहीं एलर्जी तो नहीं हो रही। छोटा सा हिस्सा होंठ से लगाकर देखें। कुछ मिनट इंतजार करें। फिर जीभ की नोक से स्वाद लें। यदि कड़वा या जलन हो तो तुरंत रोकें। पहली बार बहुत थोड़ा सा ही खाएं। 24 घंटे इंतजार करके देखें कि कोई समस्या तो नहीं। बच्चों को ये प्रक्रिया बिल्कुल न करने दें।
- सफाई और तैयारी. पौधों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। रेत, मिट्टी और कीड़े हटाएं। पत्तियों को ध्यान से देखें कि कहीं छेद या धब्बे तो नहीं। सड़े या पीले हिस्सों को हटा दें। यदि संभव हो तो पकाकर खाना ज्यादा सुरक्षित होता है। कच्चा खाने से पहले एक बार फिर गाइड बुक देख लें। साफ चाकू और कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें।
- बच्चों को सिखाना. बच्चों के साथ धीरे-धीरे शुरुआत करें। पहले घर के बगीचे के पौधों से शुरू करें। उन्हें तस्वीरों और असली पौधों को मिलाना सिखाएं। हमेशा 'देखो, छुओ, सूंघो, लेकिन खाओ मत' का नियम सिखाएं। खेल-खेल में पहचान सिखाएं। उनकी जिज्ञासा का सम्मान करें लेकिन सुरक्षा के नियमों पर अडिग रहें। उनकी उम्र के अनुसार जानकारी दें।