अपनी आवाज़ को बेहतर बनाने के तरीके
सरल तकनीकों से अपनी गायकी में सुधार करें और आत्मविश्वास से गाना सीखें।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- सांस की तकनीक सीखें. अच्छी गायकी की नींव सही सांस लेने में है। पेट से सांस लें, छाती से नहीं। इसके लिए लेटकर अभ्यास करें - एक हाथ छाती पर और एक पेट पर रखें। सांस लेते समय पेट वाला हाथ ऊपर-नीचे होना चाहिए, छाती वाला नहीं। धीरे-धीरे सांस लें और और भी धीरे छोड़ें। यह तकनीक आपको लंबे नोट्स गाने में मदद करेगी।
- मुंह और गले की मांसपेशियों को तैयार करें. गाने से पहले वार्म-अप जरूरी है। होंठों को हिलाकर 'ब्र्र्र' की आवाज निकालें। जीभ को अलग-अलग दिशाओं में हिलाएं। 'आ-ए-ई-ओ-ऊ' स्वरों का अभ्यास करें। गर्दन को धीरे-धीरे गोल घुमाएं। ये सारी एक्सरसाइज़ आपकी आवाज़ को गर्म करके तैयार करती हैं।
- सही मुद्रा बनाए रखें. सीधे खड़े हों, कंधे थोड़े पीछे रखें और ठुड्डी को ज़मीन के समानांतर रखें। सिर को न तो बहुत ऊपर करें न नीचे। छाती को थोड़ा बाहर निकालें लेकिन कड़क न बनें। यह मुद्रा आपकी सांस को सही तरीके से बहने देती है और आवाज़ को साफ बनाती है।
- सुर की पहचान करें. किसी एक नोट को सुनें और उसी आवाज़ में गाने की कोशिश करें। पहले पियानो या हारमोनियम पर 'सा' दबाएं और उसी सुर में गाएं। फिर 'रे', 'ग', 'म' वगैरह का अभ्यास करें। गलत सुर लगे तो रुकें और फिर से कोशिश करें। धीरे-धीरे आपका कान सही सुर पहचानना सीख जाएगा।
- रोज़ाना अभ्यास करें. थोड़ा-थोड़ा रोज़ाना अभ्यास करना बेहतर है बजाय कभी-कभार लंबे समय तक गाने के। शुरुआत में 15-20 मिनट काफी है। अपने पसंदीदा गानों के साथ गाएं लेकिन ध्यान रखें कि आवाज़ में दर्द न हो। अगर गला दुखे तो तुरंत रुक जाएं।
- पानी पिएं और आवाज़ की देखभाल करें. गाने से पहले और बाद में पानी पिएं। बहुत ठंडा या बहुत गर्म पानी न पिएं। चाय, कॉफी और दूध गाने से ठीक पहले न लें क्योंकि ये गले में कफ बनाते हैं। धूम्रपान से बिल्कुल बचें। अगर सर्दी-खांसी हो तो आराम करें और ज़ोर से गाने की कोशिश न करें।