संगीत सिद्धांत सीखने का मज़ेदार तरीका

अपने बच्चों को खेल-खेल में संगीत सिद्धांत सिखाने के आसान और रोचक तरीके।

  1. शुरुआत करें बुनियादी बातों से. पहले अपने बच्चे को आवाज़ की ऊंची-नीची आवाज़ों से परिचित कराएं। तालियां बजाकर ताल सिखाएं। सा रे गा मा के स्वरों को रोज़ाना की आवाज़ों से जोड़ें - जैसे 'सा' कुत्ते की आवाज़ की तरह, 'रे' बिल्ली की म्याऊं की तरह। हाथ के इशारों से अलग-अलग स्वरों को दिखाएं - 'सा' के लिए नीचे, 'रे' के लिए थोड़ा ऊपर। इससे बच्चे आसानी से स्वरों को समझ जाएंगे।
  2. खेल के ज़रिए सिखाएं. संगीत की 'सांप-सीढ़ी' खेलें जहां सही स्वर गाने पर आगे बढ़ना होता है। तबला या ढोलक पर अलग-अलग ताल बजाकर बच्चों से पहचानने को कहें। रंग-बिरंगे कार्डों पर स्वर लिखकर मैचिंग गेम खेलें। संगीत वाले ऐप्स का इस्तेमाल करें जो बच्चों के लिए बने हों। परिवार के साथ 'एंताक्षरी' खेलें लेकिन सिर्फ़ एक ही स्वर से शुरू होने वाले गाने गाएं।
  3. घर की चीज़ों से बनाएं वाद्य यंत्र. खाली डिब्बों से ढोल बनाएं और अलग-अलग साइज़ के डिब्बों की आवाज़ें सुनें। चावल या दाल भरकर शेकर बनाएं। रबर बैंड लगाकर गिटार जैसा यंत्र बनाएं। पानी की अलग-अलग मात्रा वाले गिलासों से अलग आवाज़ें निकालें। इससे बच्चे समझेंगे कि अलग-अलग चीज़ों से अलग-अलग स्वर निकलते हैं और यह संगीत सिद्धांत का मूल आधार है।
  4. कहानी और गीतों का प्रयोग करें. हर स्वर के लिए अलग-अलग किरदार बनाएं - 'सा राजा', 'रे रानी' आदि। इन किरदारों की कहानियां बनाएं। लोकप्रिय बाल गीतों में छुपे संगीत सिद्धांत को समझाएं। 'अरे जा रे हट नटखट' जैसे गीतों में स्वरों की चाल दिखाएं। बच्चों से उनके पसंदीदा गानों के ताल को हाथ से बजाने को कहें। रोज़ाना 10-15 मिनट संगीत की कहानी सुनाने का समय रखें।
  5. नियमित अभ्यास को मज़ेदार बनाएं. रोज़ाना 15-20 मिनट का संगीत टाइम रखें लेकिन इसे खेल की तरह करें। बच्चे की हर छोटी सफलता को सराहें और प्रोत्साहित करें। स्टिकर चार्ट बनाएं जहां अभ्यास के लिए स्टिकर मिले। अलग-अलग दिन अलग-अलग संगीत गतिविधियां करें ताकि बोरियत न हो। परिवार के सदस्यों के साथ मिनी कॉन्सर्ट का आयोजन करें। धीरे-धीरे कठिनाई का स्तर बढ़ाएं लेकिन हमेशा मज़े को बनाए रखें।