लोगों के सामने संगीत प्रदर्शन करते समय घबराहट से कैसे बचें
बच्चों को मंच पर संगीत प्रदर्शन के दौरान आत्मविश्वास बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके।
- घर पर नियमित अभ्यास करें. रोज़ाना अभ्यास ही सबसे बड़ी दवा है मंच की घबराहट के लिए। अपने बच्चे के साथ एक निश्चित समय तय करें जब वे अपना प्रदर्शन करें। शुरुआत में घर के सदस्यों के सामने गाने या बजाने को कहें। धीरे-धीरे दोस्तों और रिश्तेदारों को भी सुनने के लिए आमंत्रित करें। जितना ज्यादा अभ्यास होगा, उतना ही आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- सांस लेने की तकनीक सिखाएं. घबराहट होने पर सांस तेज़ हो जाती है। अपने बच्चे को गहरी सांस लेना सिखाएं - नाक से धीरे-धीरे सांस लें, 4 गिनती तक रोकें, फिर मुंह से धीरे छोड़ें। प्रदर्शन से पहले 5-6 बार यह करने से मन शांत हो जाता है। इसे रोज़ाना अभ्यास के दौरान भी करवाएं ताकि यह आदत बन जाए।
- मंच की स्थिति से परिचय कराएं. यदि संभव हो तो प्रदर्शन वाली जगह पर पहले से जाकर अभ्यास करें। बच्चे को मंच पर खड़े होकर देखने दें कि दर्शक कहां बैठेंगे। माइक और अन्य उपकरणों को छूने और समझने दें। अपरिचित जगह का डर कम करने के लिए कुछ समय वहां बिताएं। अगर यह संभव न हो तो घर में ही मंच जैसा माहौल बनाएं।
- सकारात्मक सोच विकसित करें. बच्चे को बताएं कि गलती करना सामान्य बात है और सभी के साथ ऐसा होता है। उन्हें सिखाएं कि अगर कुछ गलत हो जाए तो मुस्कराकर आगे बढ़ना चाहिए। प्रदर्शन से पहले अपने बच्चे से कहें कि वे अपनी आंखों को बंद करें और सफल प्रदर्शन की कल्पना करें। सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करें जैसे 'तुम बहुत अच्छा कर रहे हो' या 'तुम्हारा अभ्यास बेहतरीन है'।
- शुरुआत छोटे समूह से करें. एकदम बड़े मंच पर न भेजें। पहले 4-5 लोगों के सामने प्रदर्शन करने दें, फिर धीरे-धीरे दर्शकों की संख्या बढ़ाएं। स्कूल की छोटी प्रतियोगिताओं या पारिवारिक समारोहों में भाग लेने को प्रोत्साहित करें। हर छोटी सफलता का जश्न मनाएं और बच्चे की हिम्मत बढ़ाएं।
- प्रदर्शन के दिन की तैयारी. प्रदर्शन वाले दिन बच्चे को जल्दी उठाएं ताकि जल्दबाजी न हो। पोषक नाश्ता दें लेकिन ज्यादा खाना न खिलाएं। आरामदायक और सुंदर कपड़े पहनाएं जिसमें वे सहज महसूस करें। समय से पहले पहुंचें ताकि माहौल से घुलने-मिलने का समय मिले। बच्चे के साथ रहें और उनका उत्साह बढ़ाते रहें।