घर पर अकेले रहते समय सुरक्षित कैसे रहें

बच्चों को घर पर अकेले रहने की स्थिति में सुरक्षा के नियम और सावधानियां सिखाने के लिए पूरी गाइड।

  1. दरवाजे और खिड़कियों की सुरक्षा. घर के मुख्य दरवाजे को हमेशा लॉक रखें। दरवाजे की चेन भी लगाकर रखें। अगर कोई दरवाजे पर आए तो पहले दरवाजे की आंख (पीपहोल) से देखें या खिड़की से झांककर पता करें कि कौन है। जिन लोगों को आप नहीं जानते, उनके लिए दरवाजा न खोलें। डिलीवरी पर्सन या मरम्मत करने वाले के लिए भी तब तक दरवाजा न खोलें जब तक घर में कोई बड़ा न हो। खिड़कियों को भी बंद और लॉक रखें, खासकर रात के समय।
  2. फोन और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग. अगर अनजान व्यक्ति फोन करे तो अपना नाम, पता या यह न बताएं कि घर में आप अकेले हैं। सिर्फ 'हैलो' कहें और पूछें कि किससे बात करनी है। अगर माता-पिता घर पर नहीं हैं तो कहें कि 'वो अभी व्यस्त हैं' और संदेश ले लें। इंटरनेट पर अजनबियों से बात न करें। कोई भी व्यक्तिगत जानकारी शेयर न करें। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट न करें कि आप घर पर अकेले हैं।
  3. आपातकालीन नंबर और संपर्क. पुलिस (100), फायर ब्रिगेड (101), और एम्बुलेंस (108) के नंबर याद रखें। माता-पिता के फोन नंबर भी जरूर याद करें। पड़ोसियों में से किसी भरोसेमंद व्यक्ति का नंबर भी अपने पास रखें। ये सभी नंबर फोन में सेव करके रखें और कागज पर भी लिखकर फ्रिज पर चिपका दें। अगर कोई आपातकाल हो तो तुरंत इन नंबरों पर कॉल करें।
  4. घर के अंदर की सुरक्षा. रसोई में गैस का चूल्हा, माइक्रोवेव या अन्य खतरनाक उपकरणों का इस्तेमाल न करें जब तक आपको पूरी तरह आता न हो। बिजली के स्विच गीले हाथों से न छुएं। सीढ़ियों पर संभलकर चलें। नुकीली चीजों से दूर रहें। अगर कहीं से आग या धुआं दिखे तो तुरंत घर से बाहर निकलें और फायर ब्रिगेड को कॉल करें।
  5. मानसिक तैयारी और आत्मविश्वास. शांत रहें और डरें नहीं। अगर कोई अजीब आवाज सुनाई दे तो पहले धैर्य रखें - यह हवा, पेड़ या पड़ोसियों की आवाज भी हो सकती है। अपने पसंदीदा गेम, किताब या टीवी शो के साथ समय बिताएं। माता-पिता से नियमित संपर्क बनाए रखें। कुछ भी गलत लगने पर झिझक न करें और तुरंत मदद मांगें।