बर्तन धोने का सही तरीका - पूरी गाइड

बच्चों को बर्तन धोने का सही और सुरक्षित तरीका सिखाने की पूरी जानकारी।

  1. तैयारी और सुरक्षा. सबसे पहले हाथ धो लें और एप्रन या पुराने कपड़े पहन लें। सिंक के आस-पास का इलाका साफ़ करें और ज़रूरी सामान जैसे डिश सोप, स्पंज, और सफ़ाई के कपड़े तैयार रख लें। छोटे बच्चों के लिए सिंक के सामने मज़बूत स्टूल रखें ताकि वे आसानी से पहुँच सकें। गर्म पानी का इस्तेमाल करते समय बच्चों को पानी का तापमान चेक करने को कहें।
  2. बर्तनों को छांटना. पहले सभी बर्तनों को अलग-अलग करें। चाकू और तेज़ चीज़ें अलग रखें - ये बड़े लोग धोएंगे। बाकी बर्तनों को इस क्रम में छांटें: गिलास और प्याले, प्लेटें और कटोरे, चम्मच-कांटे, और आखिर में कड़ाही-बर्तन। खाना लगे बर्तनों को पहले साफ़ पानी से धो लें ताकि ज़्यादा गंदगी निकल जाए।
  3. धोने की सही तकनीक. सिंक में गुनगुना पानी भरें और उसमें थोड़ा सा डिश सोप मिलाएं। सबसे साफ़ बर्तनों से शुरुआत करें - पहले गिलास, फिर प्लेटें। स्पंज के नरम हिस्से का इस्तेमाल करें और गोल-गोल घुमाते हुए साफ़ करें। हर बर्तन को अच्छी तरह रगड़ने के बाद बहते पानी से धो लें। तेल वाले बर्तनों के लिए थोड़ा ज़्यादा सोप लगाएं और अच्छी तरह रगड़ें।
  4. सुखाना और रखना. धुले हुए बर्तनों को साफ़ तौलिए पर या डिश रैक पर रखकर सुखाएं। पहले हवा में सूखने दें, फिर साफ़ सूखे कपड़े से पोंछें। बर्तनों को उनकी सही जगह व्यवस्थित तरीके से रखें। सिंक और आस-पास का इलाका भी साफ़ कर दें। इस्तेमाल किए गए स्पंज और कपड़े को धोकर सुखने के लिए रखें।
  5. आम गलतियों से बचाव. बहुत ज़्यादा सोप का इस्तेमाल न करें - इससे ज़्यादा झाग बनता है। बर्तनों को बहुत देर तक गंदे न छोड़ें क्योंकि खाना सूख जाता है और सफ़ाई मुश्किल हो जाती है। तेज़ चीज़ों से स्पंज का खुरदुरा हिस्सा इस्तेमाल न करें। धोने के बाद बर्तनों को अच्छी तरह सुखाना ज़रूरी है नहीं तो बैक्टीरिया पनप सकते हैं।