असली दिखने वाली परस्पेक्टिव ड्रॉइंग कैसे बनाएं
बच्चों और परिवार के लिए आसान तरीकों से त्रिआयामी ड्रॉइंग बनाना सीखें।
- बुनियादी बातें समझें. सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि परस्पेक्टिव क्या होती है। जब हम दूर की चीजों को देखते हैं तो वे छोटी दिखती हैं और पास की चीजें बड़ी दिखती हैं। इसी सिद्धांत को कागज पर उतारना ही परस्पेक्टिव ड्रॉइंग है। एक आसान उदाहरण है सड़क - पास में चौड़ी दिखती है और दूर जाकर पतली हो जाती है।
- होराइजन लाइन और वैनिशिंग पॉइंट बनाएं. कागज पर एक सीधी लाइन खींचें - यह आपकी होराइजन लाइन है, जो आंखों के बराबर की ऊंचाई दिखाती है। इस लाइन पर एक छोटा सा डॉट लगाएं - यह वैनिशिंग पॉइंट है, जहां सभी दूर जाने वाली लाइनें मिलती हैं। शुरुआत में एक पॉइंट से करें, बाद में दो या तीन पॉइंट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- सिंपल शेप्स से शुरुआत करें. पहले क्यूब या बॉक्स बनाना सीखें। सामने का चेहरा एक चौकोर बनाएं, फिर इसके कोनों से वैनिशिंग पॉइंट तक हल्की लाइनें खींचें। इन लाइनों को काटकर बॉक्स का पिछला हिस्सा बनाएं। याद रखें कि पीछे का हिस्सा छोटा होना चाहिए। इसी तरह घर, मेज, किताब जैसी चीजें बना सकते हैं।
- साइज और दूरी का ख्याल रखें. पास की चीजें बड़ी और स्पष्ट बनाएं, दूर की चीजें छोटी और हल्की। अगर आप सड़क पर कारें बना रहे हैं तो पास वाली कार बड़ी होगी और दूर वाली छोटी। पेड़, लोग, घर - सभी के लिए यही नियम लागू होता है। यह तकनीक आपकी ड्रॉइंग को असली जैसा बनाती है।
- शैडो और लाइट जोड़ें. परस्पेक्टिव के साथ-साथ छाया और रोशनी का सही इस्तेमाल करें। तय करें कि लाइट कहां से आ रही है और उसके हिसाब से छाया बनाएं। पास के ऑब्जेक्ट्स में गहरी छाया और तेज रोशनी होगी, दूर के हिस्सों में हल्की। यह आपकी ड्रॉइंग में गहराई लाता है।
- रोजाना प्रैक्टिस करें. अपने आसपास की चीजों को देखकर बनाने की कोशिश करें। अपने कमरे का कोना, खुली सड़क, पार्क का नजारा - सभी में परस्पेक्टिव छुपी होती है। शुरुआत में गलतियां होंगी, यह बिल्कुल सामान्य है। धीरे-धीरे आंखों की पकड़ बेहतर होगी और हाथ भी साथ देने लगेगा।