बुजुर्ग माता-पिता के साथ जीवन वसीयत (लिविंग विल) कैसे तैयार करें
अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ मिलकर जीवन वसीयत तैयार करने की व्यावहारिक गाइड।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- सही समय की पहचान करें. जब आपके माता-पिता स्वस्थ हों और स्पष्ट रूप से सोच सकें, तब यह बातचीत करें। किसी भी चिकित्सा आपातकाल से पहले यह तैयार कर लेना बेहतर है। यदि वे अस्पताल से वापस आए हैं या कोई स्वास्थ्य समस्या हुई है, तो यह एक प्राकृतिक शुरुआती बिंदु हो सकता है। धैर्य रखें और उन्हें सोचने के लिए समय दें।
- संवेदनशील बातचीत शुरू करें. एक शांत, आरामदायक माहौल में बैठकर बात करें। 'मैं चाहता हूं कि आपकी इच्छाओं का सम्मान हो' जैसे वाक्यों से शुरुआत करें। उनकी चिंताओं को सुनें और उन्हें आश्वासन दें कि यह उनके नियंत्रण में है। यदि वे तुरंत बात नहीं करना चाहते, तो दबाव न डालें। धीरे-धीरे छोटी बातचीत के जरिए उनके विचार जानने की कोशिश करें।
- मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करें. जानें कि वे किन स्थितियों में जीवन बनाए रखने वाले उपकरण चाहते हैं और किनमें नहीं। दर्द निवारण दवाओं के बारे में उनकी राय जानें। पूछें कि वे कोमा या बेहोशी की स्थिति में कैसा इलाज चाहते हैं। कृत्रिम भोजन और पानी के बारे में उनके विचार समझें। यदि कोई धार्मिक या सांस्कृतिक मान्यताएं हैं, तो उन्हें भी शामिल करें।
- कानूनी दस्तावेज तैयार करें. एक वकील से सलाह लें जो जीवन वसीयत के बारे में जानता हो। सुनिश्चित करें कि दस्तावेज आपके राज्य के कानून के अनुसार हो। दो गवाहों की उपस्थिति में इस पर हस्ताक्षर कराएं। नोटेराइज़ेशन की आवश्यकता हो सकती है। मूल दस्तावेज़ एक सुरक्षित स्थान पर रखें और परिवारजनों को प्रतियां दें।
- डॉक्टर और अस्पताल को सूचित करें. अपने माता-पिता के मुख्य डॉक्टर को जीवन वसीयत की एक प्रति दें। अस्पताल की फाइल में भी यह शामिल कराएं। सुनिश्चित करें कि सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों को इसकी जानकारी हो। यदि वे किसी अन्य शहर में इलाज कराने जाते हैं, तो यह दस्तावेज़ साथ रखें। मेडिकल रिकॉर्ड में इसका उल्लेख स्पष्ट रूप से होना चाहिए।
- नियमित समीक्षा करें. हर कुछ सालों में अपने माता-पिता से पूछें कि क्या वे अपनी इच्छाओं को बदलना चाहते हैं। स्वास्थ्य स्थिति में बदलाव के बाद इसकी समीक्षा करें। यदि कोई बदलाव हो, तो नया दस्तावेज़ तैयार करें और पुराना रद्द कर दें। सभी संबंधित लोगों को अपडेटेड दस्तावेज़ दें। डिजिटल कॉपी भी सुरक्षित जगह स्टोर करें।