बच्चों के मन में दादा-दादी/नाना-नानी की यादों को जीवित कैसे रखें

छोटे बच्चों के लिए दादा-दादी और नाना-नानी की प्यारी यादों को संजोने के व्यावहारिक तरीके।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.

  1. फोटो एल्बम और वीडियो बनाएं. दादा-दादी के साथ की गई सभी तस्वीरों को एक विशेष एल्बम में रखें। हर तस्वीर के नीचे छोटी कहानी लिखें कि वह कब और कहां ली गई थी। वीडियो में उनकी आवाज़ और हंसी को रिकॉर्ड करें। बच्चे के साथ नियमित रूप से ये तस्वीरें देखें और कहानियां सुनाएं। डिजिटल फ्रेम का इस्तेमाल करके घर में उनकी तस्वीरें लगाएं जो रोज़ाना दिखाई दें।
  2. उनके विशेष व्यंजन और पारिवारिक परंपराएं जारी रखें. दादी के हाथ के बने पकवानों की रेसिपी लिखकर रखें और बच्चों के साथ मिलकर बनाएं। त्योहारों में वही तरीके अपनाएं जो वे करते थे। उनकी पसंदीदा कहानियां, गाने या भजन सिखाएं। बच्चों को बताएं कि ये सब दादा-दादी से मिली विरासत है। जन्मदिन या खास दिनों पर उनकी पसंदीदा चीज़ें बनाकर उन्हें याद करें।
  3. कहानियों का खजाना बनाएं. दादा-दादी के बचपन की, जवानी की और उनके जमाने की कहानियां इकट्ठा करें। पारिवारिक सदस्यों से उनके किस्से पूछें और लिखकर रखें। बच्चों को सोने से पहले ये कहानियां सुनाएं। उनके जीवन की प्रेरणादायक घटनाओं को साझा करें। एक विशेष कहानी की किताब बनाएं जहां उनके अनुभव और सीख लिखी हो।
  4. उनकी वस्तुओं को संभालकर रखें. उनकी पसंदीदा चीज़ें जैसे चश्मा, गहने, किताबें या हाथ की बनी वस्तुओं को सहेजें। बच्चों को इन चीज़ों को छूने और देखने दें। हर वस्तु की कहानी बताएं कि वह क्यों खास थी। उनकी पुरानी साड़ी या कपड़ों से छोटे तकिये या रूमाल बनवाएं। ये चीज़ें बच्चों को उनकी मौजूदगी का एहसास दिलाती रहेंगी।
  5. यादगार स्थानों पर जाएं और रिश्ता बनाए रखें. वे स्थान जहां दादा-दादी जाना पसंद करते थे, वहां बच्चों को ले जाएं। मंदिर, पार्क या रिश्तेदारों के घर जाते रहें। उनकी कब्र या समाधि पर फूल चढ़ाने ले जाएं। वहां उनसे बात करने को प्रेरित करें। दूसरे बुजुर्गों से रिश्ता बनाएं ताकि बच्चों को दादा-दादी का प्यार मिलता रहे।