माता-पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति का प्रबंधन कैसे करें
माता-पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति, कागजात और कानूनी प्रक्रियाओं को संभालने की पूरी गाइड।. HowTo: Family Edition: family how-tos that actually help.
- तुरंत करने वाले काम. सबसे पहले मृत्यु प्रमाण पत्र की कई प्रतियां बनवाएं - कम से कम 10-15 प्रतियां। सभी बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड और लोन के बारे में जानकारी इकट्ठी करें। जरूरी दस्तावेज जैसे वसीयत, पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड ढूंढें। घर और संपत्ति को सुरक्षित रखें। अगर कोई पालतू जानवर है तो उसकी व्यवस्था करें। डाक सेवा को सूचित करें और मेल को अपने पते पर रीडायरेक्ट करवाएं।
- कानूनी दस्तावेज और वसीयत. वसीयत की तलाश करें - यह घर में, बैंक के लॉकर में या वकील के पास हो सकती है। अगर वसीयत मिल जाती है तो उसे कोर्ट में प्रोबेट कराना पड़ सकता है। अगर वसीयत नहीं है तो उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई करना होगा। सभी कानूनी उत्तराधिकारियों की सूची बनाएं। एक अच्छे वकील से सलाह लें जो संपत्ति के मामलों में अनुभवी हो।
- वित्तीय खातों का प्रबंधन. सभी बैंकों को मृत्यु की सूचना दें और खाते फ्रीज करवाएं। जरूरी दस्तावेज जमा करके नामांकित व्यक्ति या उत्तराधिकारी के नाम खाते ट्रांसफर करवाएं। इंश्योरेंस कंपनियों को सूचित करें और क्लेम फाइल करें। प्रोविडेंट फंड, पेंशन और अन्य रिटायरमेंट बेनिफिट्स के लिए अप्लाई करें। क्रेडिट कार्ड कंपनियों को सूचित करें। किसी भी ऑटो डेबिट को बंद करवाएं।
- संपत्ति का मूल्यांकन. सभी संपत्तियों की सूची बनाएं - घर, जमीन, सोना-चांदी, शेयर, म्यूचुअल फंड, बैंक बैलेंस आदि। प्रॉपर्टी के सभी कागजात जैसे सेल डीड, रजिस्ट्री पेपर्स, खसरा-खतौनी इकट्ठे करें। प्रॉपर्टी का वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन करवाएं। सभी कर्जों और देनदारियों की भी सूची बनाएं। स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार रहें।
- कर और सरकारी औपचारिकताएं. आयकर विभाग को सूचित करें और अंतिम रिटर्न फाइल करें। अगर संपत्ति का मूल्य ज्यादा है तो इनहेरिटेंस टैक्स लग सकता है। प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी पड़ेगी। म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में प्रॉपर्टी टैक्स का नाम बदलवाएं। राशन कार्ड, वोटर आईडी से नाम कटवाएं। अगर पेंशन मिल रहा था तो उसे बंद करवाएं।
- संपत्ति का बंटवारा. अगर कई उत्तराधिकारी हैं तो आपसी सहमति से बंटवारा करें। पारिवारिक समझौता (family settlement) का विकल्प भी है जो कोर्ट केस से बचाता है। हर व्यक्ति को मिलने वाली संपत्ति के कागजात अलग करें। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार ऑफिस में ट्रांसफर करवाएं। बैंक खाते और निवेश भी बांटें। सभी खर्चों का हिसाब रखें और उन्हें भी बराबर बांटें।